क्यों हैं !!!!
आज के दौर में ये मंज़र क्यों हैं ज़ख़्म हर सर पे, हर हाथ में पत्थर क्यों हैं १
जब हकीकत है की हर ज़र्रे में खुदा रहता है ,फिर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों हैं १
अपना अंजाम तो मालूम है सबको फिर अपनी नजरो में हर इंसान सिकंदर क्यों है १
ज़िन्दगी जीने के अब काबिल ही नहीं शायद वर्ना हर आँख में अश्को का समंदर क्यों है १
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